वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप (cough syrup) की अवैध तस्करी और नशे के कारोबार से जुड़े बड़े सिंडिकेट पर कमिश्नरेट पुलिस अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। कोतवाली थाने की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस बहुचर्चित मामले में मुख्य सरगना और ₹50 हजार के इनामी फरार आरोपी शुभम जायसवाल समेत 54 से अधिक आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों को एक साथ जोड़कर कोर्ट के माध्यम से कुर्की की कार्रवाई कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क (cough syrup) का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल पिछले वर्ष नवंबर से फरार चल रहा है। उसकी तलाश में पुलिस के साथ अब इंटरपोल भी सक्रिय हो चुका है। आशंका जताई जा रही है कि वह देश छोड़कर विदेश में छिपा हो सकता है। वहीं शुभम का पिता और शैली ट्रेडर्स का प्रोपराइटर भोला जायसवाल फिलहाल सोनभद्र जेल में बंद है।
इससे पहले पुलिस शुभम जायसवाल की कई संपत्तियों (cough syrup) पर कार्रवाई कर चुकी है। प्रह्लाद घाट स्थित मकान, सिगरा के बादशाहबाग का आवास, रामकटोरा का घर और पिंडरा क्षेत्र की जमीनें पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शैली ट्रेडर्स सिंडिकेट से जुड़े 36 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इन आरोपियों की संपत्तियों पर होगी कार्रवाई
SIT द्वारा तैयार सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनकी संपत्तियों की जांच और कुर्की की तैयारी की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से—
- शुभम जायसवाल — मुख्य सरगना और ₹50 हजार का इनामी
- भोला जायसवाल — शैली ट्रेडर्स के मालिक
- मनोज यादव और उनका बेटा लक्ष्य यादव
- प्रशांत उपाध्याय — वांछित आरोपी
- वैभव जायसवाल, विकास सिंह नरवे, दिवेश जायसवाल
- आकाश पाठक, अंकित श्रीवास्तव और प्रतीक गुजराती
इसके अलावा सिंडिकेट से जुड़े 54 से अधिक लोगों की सूची तैयार की गई है।
cough syrup: पनाह देने वालों पर भी कार्रवाई
SIT जांच में यह भी सामने आया है कि वांछित आरोपी प्रशांत उपाध्याय को उसके रिश्तेदार और ससुराल पक्ष के कुछ लोग लगातार शरण दे रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि कुछ लोग उसे कोर्ट में सरेंडर (cough syrup) कराने की तैयारी में भी लगे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फरार आरोपियों को पनाह देने या उनकी मदद करने वालों को भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाएगा।
कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराध से अर्जित संपत्तियों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

