Varanasi में भीषण गर्मी और लू के बीच सोमवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। रात करीब तीन बजे तेज आंधी और धूलभरी हवाओं ने शहर का मौसम बदल दिया। तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन धूल के गुबार ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग ने आगामी 28, 29 और 30 मई को आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इन दिनों हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
देर रात अचानक बदला मौसम का मिजाज
रात में चली तेज हवाओं के कारण Varanasi के कई इलाकों में धूल और मिट्टी फैल गई। आसमान में बादल छाए रहे, हालांकि बारिश नहीं हुई। मंगलवार देर रात तक तेज हवाओं का असर बना रहा और वातावरण में धूल उड़ती रही। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन तापमान में हल्की गिरावट भी महसूस की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। इसका प्रभाव पूर्वांचल समेत वाराणसी क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के दौरान तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
मंगलवार सुबह सूर्योदय के समय हवा की रफ्तार घटकर लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई, जबकि रात में यह 44 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। सुबह छह बजे तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दोपहर होते-होते पारा तेजी से चढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
Varanasi का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस
मंगलवार को Varanasi का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.8 डिग्री कम था। दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों व छायादार स्थानों में रहने को मजबूर रहे।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। संभावित तेज आंधी और भारी बारिश को देखते हुए Varanasi नगर निगम और विद्युत विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पेड़ों की कमजोर डालियों, बिजली के तारों और बड़े होर्डिंग्स की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। तेज आंधी के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और पुराने होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें। किसानों को भी मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम में आए इस बदलाव से काशीवासियों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो आने वाले दिनों में लोगों को तपिश और उमस से काफी राहत मिल सकती है।

