Varanasi: पत्नी की हत्या कर उसके शव को घर के आंगन में दफनाने के चर्चित मामले में वाराणसी की एक अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषसिद्धि के बाद जुर्माना भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहित मौर्य ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल चौधरी की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष की ओर से रोहित मौर्य और अधिवक्ता सुधांशु गुप्ता ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, लोहता थाना क्षेत्र (Varanasi) के भीतरी गांव में 28 दिसंबर 2020 को आरोपी ने अपनी पत्नी आशा देवी की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव को घर के आंगन में गड्ढा खोदकर दफना दिया था। आरोप है कि शव को जल्दी गलाने और पहचान मिटाने के उद्देश्य से उस पर नमक भी डाला गया था।
बेटों के शक से सामने आया सच
मामले (Varanasi) का खुलासा उस समय हुआ जब अमेरिका में रह रहे मृतका के दोनों बेटों को अपनी मां के बारे में पिता की बातों पर संदेह हुआ। बेटों ने घर पहुंचकर आंगन की खुदाई कराई, जहां उनकी मां का शव बरामद हुआ। अभियोजन के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर संपत्ति विवाद के चलते पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। घटना उजागर होने के बाद वह फरार हो गया था।
Varanasi: तीन दिन बाद हुई गिरफ्तारी
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान (Varanasi) जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत में आरोप साबित किए गए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा(Varanasi) धारा 201 (साक्ष्य मिटाने का प्रयास) के तहत तीन वर्ष के कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है।

