Varanasi: विदेश यात्रा करने वाले पूर्वांचल के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के पूरा होने के बाद अगले वर्ष से कई नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित नए रूटों में सिंगापुर, मालदीव, बाली और कई गल्फ देशों के लिए सीधी उड़ानें शामिल हैं।
एयरपोर्ट प्राधिकरण (Varanasi) ने इन नए अंतरराष्ट्रीय रूटों को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और पत्राचार प्रारंभ कर दिया है। विस्तार कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
अभी केवल तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन
फिलहाल वाराणसी एयरपोर्ट (Varanasi) से केवल तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। इनमें बैंकॉक, शारजाह और नेपाल के लिए नियमित उड़ानें शामिल हैं। इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के जरिए औसतन हर महीने लगभग 2,000 से 2,500 यात्री यात्रा करते हैं।
यात्रियों की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण नए अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है।
Varanasi: विस्तार कार्य पूरा होने के बाद बढ़ेंगी उड़ानें
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट (Varanasi) से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों श्रेणियों की नई उड़ानों की लगातार मांग मिल रही है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में एयरपोर्ट का विस्तारीकरण कार्य चल रहा है। इसी कारण अभी उड़ानों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। लेकिन विस्तार पूरा होने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की नई उड़ानें शुरू करने की योजना पर तेजी से काम किया जाएगा।
पूर्वांचल के यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभनई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने से पूर्वांचल, बिहार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे अधिक फायदा होगा। अभी सिंगापुर, मालदीव, बाली और कई अन्य देशों की यात्रा के लिए यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या अन्य बड़े शहरों (Varanasi) से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। नई सेवाएं शुरू होने पर समय और यात्रा खर्च दोनों में कमी आएगी।
इसके अलावा पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के उद्देश्य से विदेश जाने वाले लोगों के लिए भी वाराणसी एयरपोर्ट (Varanasi) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित होगा।
एयरपोर्ट प्राधिकरण का मानना है कि विस्तारीकरण पूरा होने के बाद वाराणसी (Varanasi) से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क का दायरा तेजी से बढ़ेगा, जिससे पूर्वांचल की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

