मानव सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ‘khushi ki udaan’ संस्था को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। संस्था को लखनऊ में आयोजित संवेदना-2 – राष्ट्रीय सामाजिक प्रभाव पुरस्कार समारोह 2026 में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सामाजिक प्रभाव पुरस्कार और “वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस” (इंग्लैंड) से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान संस्था (khushi ki udaan) की संस्थापक एवं अध्यक्ष एडवोकेट सारिका दुबे, जो चंदौली की बेटी हैं, को समाज सेवा और रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
लखनऊ में हुआ सम्मान समारोह
सम्मान समारोह का आयोजन 28 जून 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल तथा उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) नटवर गोयल ने सारिका दुबे को सम्मानित किया।
रक्तदान के जरिए सैकड़ों लोगों को मिला नया जीवन
‘खुशी की उड़ान’ संस्था (khushi ki udaan) वर्षों से बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने का कार्य कर रही है। संस्था ने अब तक सैकड़ों मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनके जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रक्तदान सेवा के अलावा संस्था नियमित रूप से रक्तदान शिविर, रक्तदान जागरूकता अभियान, निराश्रितों की सहायता, खाद्य सामग्री वितरण, वस्त्र वितरण और अन्य सामाजिक सेवा गतिविधियों का भी संचालन करती है।
‘यह सम्मान पूरी टीम और हर रक्तवीर का है’
सम्मान प्राप्त करने के बाद एडवोकेट सारिका दुबे (khushi ki udaan) ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि संस्था से जुड़े प्रत्येक रक्तदाता, स्वयंसेवक, सहयोगी और शुभचिंतक की है। उन्होंने कहा, “मुझे स्वयं 18 बार स्वैच्छिक रक्तदान करने का सौभाग्य मिला है। मेरा विश्वास है कि रक्तदान महादान है। हमारा संकल्प है कि रक्त की कमी के कारण कोई भी जरूरतमंद अपना जीवन न खोए। हम बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक रक्त पहुंचाने और मानव सेवा की इस यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।”
उन्होंने कहा कि यह सम्मान संस्था की जिम्मेदारियों को और बढ़ाता है तथा भविष्य में रक्तदान जागरूकता और सामाजिक सेवा के कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
चंदौली की बेटी सारिका दुबे को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से पूरे जनपद में हर्ष का माहौल है। सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि ‘खुशी की उड़ान’ संस्था (khushi ki udaan) भविष्य में भी रक्तदान और मानव सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करती रहेगी।

