Dalmandi सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुधवार सुबह प्रशासन ने एक बार फिर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। सुबह करीब 7:30 बजे से पांच मस्जिदों के चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्सों को हटाने का काम शुरू हुआ। अभियान के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और बड़ी संख्या में पुलिस व अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की गई।
प्रशासन ने कार्रवाई स्थल के चारों ओर टीन की बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी। ध्वस्तीकरण का कार्य लगभग 50 मजदूरों की टीम द्वारा किया जा रहा है।
1860 सुरक्षाकर्मी संभाल रहे मोर्चा
किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए करीब 1860 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें सात कंपनी पीएसी, एक बटालियन सीआरपीएफ, एक बटालियन आरआरएफ के अलावा स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। पूरे अभियान की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
दालमंडी चौड़ीकरण (Dalmandi) योजना के तहत कुल 181 भवनों के साथ छह मस्जिदें भी प्रभावित हो रही हैं। इनमें लंगड़े हाफिज मस्जिद, नेसारन की मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मिर्जा करीमुल्लाह बेग मस्जिद शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, लंगड़े हाफिज मस्जिद को छोड़कर अन्य पांच मस्जिदों के प्रबंधन ने पहले ही चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से हटाने पर सहमति दे दी थी। मुहर्रम के दौरान कार्रवाई स्थगित रखी गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है।
Dalmandi: करीमुल्लाह बेग मस्जिद से हुई शुरुआत
बुधवार सुबह डीआईजी शिव हरि मीणा की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम दालमंडी (Dalmandi) पहुंची। अभियान की शुरुआत चौक थाना के पीछे स्थित मिर्जा करीमुल्लाह बेग मस्जिद के चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने से की गई। इसके बाद अन्य चिन्हित मस्जिदों पर भी ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ।
कार्रवाई स्थल पर आम लोगों की एंट्री बंद
ध्वस्तीकरण (Dalmandi) के दौरान पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। पूरे इलाके में पुलिस लगातार निगरानी कर रही है ताकि अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।
बताया गया कि कार्रवाई के दौरान मीडिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी (Dalmandi) पर भी प्रतिबंध लगाया गया तथा किसी को भी ध्वस्तीकरण स्थल के निकट रुकने की अनुमति नहीं दी गई।

