क्या सच में यूपी में गैस संकट? CM योगी बोले- पर्याप्त स्टॉक, अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु और निर्बाध रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में लोगों के बीच घबराहट का माहौल नहीं बनने दिया जाए और समय-समय पर सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

समय पर मिले लोगों को सिलेंडर की डिलीवरी- CM Yogi

बैठक में मुख्यमंत्री ने सपष्ट रुप से निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर गैस की कमी नहीं होनी चाहिए। जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से सिलेंडर की डिलीवरी की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।

सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर एलपीजी आपूर्ति की वास्तविक स्थिति के बारे में लोगों को नियमित रूप से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

सीएम योगी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई गैस वितरक एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर एलपीजी वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती करने के भी निर्देश दिए, ताकि वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन भी आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।

उन्होंने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, जिला पूर्ति अधिकारियों और तेल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ प्रदेश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति और सुचारु वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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