UP News: यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शंकराचार्य और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।
इस मामले में आरोपों को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जिसके चलते गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने अग्रिम जमानत (UP News) की अर्जी दाखिल की थी। 27 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने सुनाया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि, जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि दोनों पक्ष मीडिया (UP News) में कोई बयानबाजी नहीं करेंगे और न ही इस मामले में इंटरव्यू देंगे। यदि इन शर्तों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित पक्ष जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन दे सकता है।
बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने 24 फरवरी को इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष (UP News) की ओर से अधिवक्ता रीना सिंह ने दलीलें दीं।
UP News: क्या है पूरा मामला
यह मामला उस समय सामने आया जब शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने शंकराचार्य और उनके शिष्य पर बटुकों के साथ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी।
इसके बाद प्रयागराज की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपों के आधार पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। अदालत के आदेश के बाद झूसी पुलिस स्टेशन (UP News) में मामला दर्ज किया गया और जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

