Varanasi: चर्चित कफ सिरप तस्करी और हवाला कारोबार मामले में बर्तन व्यवसायी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है।
प्रदीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि उनका अपने भतीजे वैभव जायसवाल या उसके परिवार (Varanasi) से पिछले 18 वर्षों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद से वे अपने भाइयों और उनके परिवार से पूरी तरह अलग हो गए।
उन्होंने कहा, “2008 के बाद से मेरा वैभव या उसके परिवार के साथ किसी भी सुख-दुख में कोई संबंध नहीं रहा। यहां तक कि उसकी शादी में भी हमें न बुलाया गया और न ही हम शामिल हुए।”
Varanasi: मीडिया की भूमिका पर उठाए सवाल
सपा नेता ने कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार पोर्टलों (Varanasi) की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उनका पक्ष जाने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उन्हें इस अवैध कारोबार से जोड़ना उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
प्रदीप जायसवाल ने कफ सिरप तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे इस तरह के अवैध और गलत कार्यों के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने साफ कहा कि वैभव जायसवाल (Varanasi) के कथित कृत्यों के लिए उन्हें या समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
गौरतलब है कि इस मामले में वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां एक ओर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं के बयानों से सियासी माहौल भी गरमाता जा रहा है।

